कूड़ेदान बना खजाने का डिब्बा, हो गई बाप-बेटे में लड़ाई, मालिक बनने हाई कोर्ट पहुंच गए

Updated on 03-11-2025 01:34 PM
अहमदाबाद: गुजरात में गिर सोमनाथ (Gir Somnath) जिले के उना (Una) में एक आदमी एक दिन अपने मरहूम दादाजी के कमरे की सफाई कर रहे थे। उन्होंने दादाजी का बक्सा खोला जिसमें ढेरों पुराने कागजातों का बंडल था। उसे देखना शुरू किया तो उसमें ढेरों शेयर सर्टिफिकेट फिजिकल फॉर्म में मिले जो उस समय खरीदे गए थे जब डी-मैट का जमाना नहीं आया था। इन सर्टिफिकेटों की आज की कीमत करोड़ों रुपये में है। एक तरह से यह खजाना मिलना था। लेकिन दादाजी के ये सर्टिफिकेट पारिवारिक कलह का कारण बन गया। जी हां, इस वजह से दादाजी के बेटे और पोते कानूनी वारिस बनने के लिए गुजरात हाई कोर्ट तक पहुंच गए हैं।

क्या है माजरा

NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, वह आदमी गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना में अपने पैतृक घर लौटा था। यह घर उसे अपने दादाजी सावजी पटेल (Savji Patel) की मृत्यु के बाद विरासत में मिला था। पुराने कागजात और सामान साफ करते समय, उसने एक बक्से में दस्तावेजों का एक ढेर देखा। जब उसने उसे उलटा-पलटा तो उसे एहसास हुआ कि वे शेयर सर्टिफिकेट थे। ये सर्टिफिकेट्स जो पहले कंपनी के शेयरों के मालिकाना हक का सबूत देने के लिए इस्तेमाल होते थे। जब उसने उन शेयरों का वर्तमान बाजार मूल्य जांचा, तो वह हैरान रह गया। वे शेयर 2.5 करोड़ रुपये के थे। एक ऐसे परिवार के लिए, जिसने मुश्किल से गुजारा किया था, यह खोज एक चमत्कार की तरह लगी। मानो रातोंरात अमीर बनने का कोई शॉर्टकट मिल गया हो।

खुशी बदली कड़वाहट में

लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई। NDTV ने बताया है कि उस आदमी और उसके पिता दोनों ने जल्द ही सर्टिफिकेट पर अपना मालिकाना हक जताया। पिता का तर्क था कि सावजी पटेल के बेटे के तौर पर, वह अपने पिता की सभी संपत्तियों, जिसमें शेयर भी शामिल हैं, का असली वारिस है। हालांकि, पोते ने अपना पक्ष मजबूती से रखा, यह कहते हुए कि उसे ये सर्टिफिकेट उस घर में मिले हैं जो अब कानूनी तौर पर उसका है। जो खुशी का पल था, वह जल्द ही एक कड़वे विवाद में बदल गया, जिसने परिवार को इस बात पर बांट दिया कि इस दौलत का असली हकदार कौन है।

हाई कोर्ट में आज होनी है सुनवाई

यह मामला अब गुजरात हाई कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले की सुनवाई आज यानी 3 नवंबर को होनी है। इस दौरान जज यह तय करेंगे कि सचमुच 'कौन बनेगा करोड़पति', यानी यह करोड़ों की संपत्ति किसके हाथ लगेगी। कोर्ट के फैसले से यह भी तय हो जाएगा कि दादाजी की संपत्ति पिता को मिलेगी या पोते को या फिर दोनों के बीच बंटेगी।

कौन थे सावजी पटेल

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सावजी पटेल ने एक साधारण जीवन जिया था। उन्होंने दीव के एक होटल में वेटर का काम किया था, और उससे पहले, वह होटल के मालिक के बंगले में हाउसकीपर के तौर पर काम करते थे। उनके बेटे, जो अब शेयर पर दावा कर रहे हैं, ने भी दीव में ही काम किया था, जबकि पोता ऊना में रहता था। पटेल ने अपनी मृत्यु से पहले ऊना वाले घर का वारिस अपने पोते को घोषित किया था, लेकिन शेयर सर्टिफिकेट की खोज ने सब कुछ बदल दिया है, और ध्यान घर से हटकर इन छिपे हुए करोड़ों पर चला गया है।

असली वारिस कौन है?

मामले का मुख्य बिंदु विरासत कानून की व्याख्या है। एक तरफ पोता है, जिसे वह संपत्ति मिली है जहां शेयर मिले थे; दूसरी तरफ पिता है, जो सावजी पटेल का सीधा कानूनी वारिस है। NDTV द्वारा उद्धृत विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे विवाद असामान्य नहीं हैं, खासकर जब मालिक की मृत्यु के वर्षों बाद मूल्यवान संपत्ति का पता चलता है। फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट का मालिकाना हक विशेष रूप से जटिल हो सकता है, क्योंकि उन्हें बेचने या दावा करने से पहले सत्यापित, हस्तांतरित और डीमैट (dematerialised) कराना पड़ता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 03 November 2025
नई दिल्‍ली: रूस सह‍ित ओपेक+ देशों ने दिसंबर में तेल उत्पादन में थोड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके बाद 2026 की पहली तिमाही में उत्पादन बढ़ाने की रफ्तार पर…
 03 November 2025
नई दिल्‍ली: आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भारत को अमेरिका के प्रस्तावित HIRE एक्‍ट को लेकर ज्यादा सावधान रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यह कानून…
 03 November 2025
नई दिल्ली: अमेरिका की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ के कारण भारत के निर्यात में बड़ी गिरावट आई है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की नई रिपोर्ट से…
 03 November 2025
नई दिल्‍ली: गाजियाबाद के असीम रावत की कहानी पारंपरिक भारतीय उद्यमिता और आत्मविश्वास की शानदार मिसाल है। 14 साल तक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने के बावजूद असीम…
 03 November 2025
अहमदाबाद: गुजरात में गिर सोमनाथ (Gir Somnath) जिले के उना (Una) में एक आदमी एक दिन अपने मरहूम दादाजी के कमरे की सफाई कर रहे थे। उन्होंने दादाजी का बक्सा…
 03 November 2025
नई दिल्ली: अनिल अंबानी और उनके रिलायंस ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज हो गई है। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त की…
 03 November 2025
नई दिल्ली: घाटे में चल रही वोडाफोन आइडिया (Vi) को अमेरिकी कंपनी का सहारा मिल सकता है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार अमेरिकी निवेश फर्म टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स (TGH) वोडाफोन आइडिया में 4 से…
 03 November 2025
नई दिल्ली: क्रिप्टोकरेंसी की जब भी बात आती है, निवेशकों के बीच इसे लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया दिखाई देती है। फिर चाहे बात बिटकॉइन की हो या किसी दूसरी क्रिप्टो की। काफी…
 03 November 2025
नई दिल्ली: एशियाई बाजारों में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि OPEC+ (तेल उत्पादक देशों का समूह और उनके सहयोगी) ने अगले साल…
Advt.