असीम रावत का यह उद्यम अब एक सफल कहानी बन चुका है। आज इसका सालाना टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसमें 110 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। यह केवल एक आर्थिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार और कृषि-आधारित उद्योग को बढ़ावा देने का एक सशक्त उदाहरण है। उनकी दूरदर्शिता और सफलता को राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार सहित कई राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। असीम का भविष्य का टारगेट देसी गायों की संख्या बढ़ाना और अपने उत्पाद रेंज में अधिक नस्लों को शामिल करना है। असीम रावत ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत की परंपरा और स्वदेशी शक्ति में विश्वास रखकर आधुनिक व्यावसायिक सफलता प्राप्त करना संभव है।

